लखनऊ में इस बारह वर्ष की छात्रा सान्वी श्रीवास्त ने लिखी पुस्तक,

लखनऊ: सातवीं कक्षा में पढ़ने वाली सान्वी श्रीवास्तव ने हाल ही में अपनी पहली पुस्तक लिखी है। इस पुस्तक का नाम ‘द जेड’ है और यह ब्री बुक्स पब्लिशिंग कंपनी द्वारा प्रकाशित की गई है। यह पुस्तक सान्वी श्रीवास्तव के अनोखे कार्य की एक मिसाल है। सान्वी श्रीवास्तव ने इस पुस्तक में अपने रचनात्मक कौशल का प्रदर्शन किया है। सान्वी श्रीवास्तव ने अपनी पुस्तक में एक कहानी प्रस्तुत की है जिसमें सान्वी को सफर के दौरान एक पत्थर मिला है, जिसे जेड के नाम से जाना जाता है। यह पत्थर हरे रंग का है और बहुमूल्य माना जाता है।

सान्वी श्रीवास्तव के परिवार, मित्र और शिक्षक उन्हें उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए प्रशंसा कर रहे हैं। उनके असामान्य कौशल और सामरिकता ने उन्हें एक आदर्श बना दिया है। सान्वी श्रीवास्तव ना सिर्फ अपने इस कार्य से अपने परिवार और समाज को प्रेरित कर रही हैं, बल्कि बच्चों के बीच एक आदर्श भी हैं।

सान्वी श्रीवास्तव ने अपने अद्वितीय कौशल और समर्पण के माध्यम से अपने परिवार, समाज और सभी को प्रेरित कर रही हैं। उनकी पुस्तक ‘द जेड’ ने लोगों के बीच खासी धूम मचाई है और सांवी के रचनात्मकता को प्रकट किया है। इस पुस्तक की 35 प्रतियां बिक चुकी हैं और बिक रहीं हैं।

सान्वी श्रीवास्तव का यह कार्यक्षेत्र उनकी उम्र के मुताबिक अनोखा है। उन्हें नृत्य, चित्रकारी, रकला, गायन और लेखन का शौक है। इस पुस्तक में उन्होंने एक रोचक कहानी पेश की है जो उनके द्वारा जेड नामक पत्थर की प्राप्ति के आसपास घूमती है। यह कहानी बच्चों के बीच बहुत पसंद की जा रही है और सांवी की खासियत को प्रकट करती है।
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सान्वी की मां एक गृहिणी हैं जो अपने परिवार की देखभाल करती हैं। सान्वी श्रीवास्तव का पिता एक सरकारी नियोजित कर्मचारी हैं। उनके जीवन में उनके प्यारे मामाजी आलोक अग्रवाल भी हैं, जो एक प्रसिद्ध रक्तदानकर्ता हैं। सांवी उनसे बहुत प्यार करती हैं। आलोक अग्रवाल सान्वी को आगे बढ़ाने के लिए हर संभव प्रयत्न करते हैं।

सान्वी की एक छोटी बहन है जो नृत्य एवं कविता बहुत सुंदर ढंग से प्रस्तुत करती है।
Published By बृजेंद्र बहादुर मौर्य




