एचडीएफसी बैंक लिमिटेड ने 30 जून, 2023 को समाप्त तिमाही के लिए वित्तीय परिणाम जारी किए

एचडीएफसी बैंक लिमिटेड के निदेशक मंडल ने सोमवार, को मुंबई में आयोजित अपनी बैठक में 30 जून, 2023 को समाप्त तिमाही के लिए बैंक (इंडियन गैप) परिणामों को मंजूरी दे दी। बैंक के खाते बैंक के वैधानिक लेखा परीक्षकों द्वारा “सीमित समीक्षा” के अधीन है।
समेकित वित्तीय परिणामः कंसोलिडेटेड फाइनेंशियल रिजल्ट्सः
30 जून, 2023 को समाप्त तिमाही के लिए बैंक का समेकित शुद्ध राजस्व 25.9% बढ़कर ₹ 35,067 करोड़ हो गया, जो 30 जून, 2022 को समाप्त तिमाही के लिए ₹ 27,844 करोड़ था। 30 जून, 2023 को समाप्त तिमाही के लिए समेकित शुद्ध लाभ ₹ 12,370 करोड़ था, जो 30 जून, 2022 को समाप्त तिमाही की तुलना में 29.1% अधिक है। 30 जून, 2023 को समाप्त तिमाही के लिए प्रति शेयर आय ₹ 22.2 थी और 30 जून, 2023 तक प्रति शेयर बुक वैल्यू ₹ 542.7 थी।

स्टैंडअलोन वित्तीय परिणामः
लाभ और हानि खाताः 30 जून, 2023 को समाप्त तिमाही
30 जून, 2023 को समाप्त तिमाही के लिए बैंक का शुद्ध राजस्व 26.9% बढ़कर ₹ 32,829 करोड़ हो गया, जो 30 जून, 2022 को समाप्त तिमाही में ₹ 25,870 करोड़ था।
30 जून, 2023 को समाप्त तिमाही के लिए शुद्ध ब्याज आय (ब्याज अर्जित कम ब्याज) 21.1% बढ़कर ₹ 23,599 करोड़ हो गई, जो 30 जून, 2022 को समाप्त तिमाही के लिए ₹ 19,481 करोड़ थी। कुल संपत्ति पर मुख्य शुद्ध ब्याज मार्जिन 4.1% था और 4.3% ब्याज अर्जित करने वाली संपत्ति पर आधारित है।
30 जून, 2023 को समाप्त तिमाही के लिए अन्य आय (गैर-ब्याज राजस्व) ₹ 9,230 करोड़ शुद्ध राजस्व का 28.1% थी, जबकि 30 जून, 2022 को समाप्त इसी तिमाही में ये आय ₹ 6,388 करोड़ थी। अन्य आय के चार कम्पोनेंट्स 30 जून, 2023 को समाप्त तिमाही में फीस और कमीशन ₹ 6,290 करोड़ (पिछले वर्ष की इसी तिमाही में ₹ 5,360 करोड़), विदेशी मुद्रा और डेरिवेटिव राजस्व ₹ 1,309 करोड़ (पिछले वर्ष की इसी तिमाही में ₹ 1,024 करोड़), नेट ट्रेडिंग और मार्क टू मार्केट गेन ₹ 552 करोड़ (पिछले वर्ष की इसी तिमाही में ₹ 1,077 करोड़ का नुकसान) और रिकवरी और लाभांश सहित विविध आय, ₹ 1,079 करोड़ (पिछले वर्ष की इसी तिमाही में ₹ 1,080 करोड़) रहें। 30 जून, 2022 को समाप्त तिमाही में नेट ट्रेडिंग और मार्क टू मार्केट आय को छोड़कर अन्य आय में 16.2% की वृद्धि हुई।
30 जून, 2023 को समाप्त तिमाही के लिए संचालन खर्च ₹ 14,057 करोड़ था, जो पिछले वर्ष की इसी तिमाही के दौरान ₹ 10,502 करोड़ से 33.9% अधिक है। तिमाही के लिए लागत-से-आय अनुपात 42.8% था।
प्री-प्रोविजन ऑपरेटिंग प्रॉफिट (पीपीओपी) पिछले वर्ष की इसी तिमाही की तुलना में 22.2% बढ़कर ₹18,772 करोड़ हो गया।
30 जून, 2023 को समाप्त तिमाही के लिए प्रावधान और आकस्मिक खर्च ₹ 2,860 करोड़ थीं, जबकि 30 जून, 2022 को समाप्त तिमाही के लिए ₹ 3,188 करोड़ थीं।
30 जून, 2022 को समाप्त तिमाही के लिए 0.91% की तुलना में कुल क्रेडिट लागत अनुपात 0.70% था।
30 जून, 2023 को समाप्त तिमाही के लिए कर पूर्व लाभ (पीबीटी) ₹ 15,912 करोड़ था। टैक्सेशन के लिए ₹ 3,960 करोड़ प्रदान करने के बाद, बैंक ने ₹ 11,952 करोड़ का शुद्ध लाभ कमाया, जो 30 जून, 2022 को समाप्त तिमाही की तुलना में 30.0% की वृद्धि है।
बैलेंस शीटः 30 जून, 2023 तक
30 जून, 2023 तक कुल बैलेंस शीट का आकार ₹ 25,01,693 करोड़ था, जबकि 30 जून, 2022 तक कुल बैलेंस शीट का आकार ₹ 21,09,772 करोड़ था, और इसमें 18.6% की वृद्धि हुई है।
कुल जमा में अच्छी वृद्धि देखी गई और 30 जून, 2023 तक यह 19,13,096 करोड़ रुपये थी, जो 30 जून, 2022 की तुलना में 19.2% की वृद्धि थी। कासा डिपाॅजिट्स में 10.7% की वृद्धि हुई, जिसमें बचत खाता जमा 5,60,604 करोड़ रुपये और चालू खाते में जमा राशि ₹ 2,52,350 करोड़ थी। सावधि जमा राशि ₹ 11,00,142 करोड़ थी, जो पिछले वर्ष की इसी तिमाही की तुलना में 26.4% की वृद्धि थी, जिसके परिणामस्वरूप 30 जून, 2023 तक कासा जमा कुल जमा का 42.5% था।
30 जून, 2023 तक कुल अग्रिम राशि ₹ 16,15,672 करोड़ थी, जो 30 जून, 2022 की तुलना में 15.8% की वृद्धि है। इंटर-बैंक पार्टिस्पेशन सर्टिफिकेट्स और बिलों के पुनर्भुगतान के माध्यम से कुल ट्रांसफर्स, 30 जून, 2022 की तुलना में कुल अग्रिम में 20.1% की वृद्धि हुई। डोमेस्टिक रिटेल लोन्स में 20.0% की वृद्धि हुई, कमर्शियल और ग्रामीण बैंकिंग ऋण में 29.1% की वृद्धि हुई और कॉर्पोरेट और अन्य होलसेल ऋण में 11.2% की वृद्धि हुई। ओवरसीज एडवांसेज कुल अग्रिमों का 2.6% था।
पूंजी पर्याप्तताः
बेसल 3 दिशानिर्देशों के अनुसार बैंक का कुल कैपिटल एडीक्वेसी रेश्यो (सीएआर) 30 जून, 2023 को 18.9% (30 जून, 2022 को 18.1%) था, जबकि नियामक आवश्यकता 11.7% थी, जिसमें 2.5% का कैपिटल एडीक्वेसी बफर शामिल था। बैंक को घरेलू प्रणालीगत रूप से महत्वपूर्ण बैंक (डी-एसआईबी) के रूप में पहचाने जाने के कारण 0.2% की अतिरिक्त आवश्यकता है। 30 जून, 2023 तक टियर 1 सीएआर 16.9% और कॉमन इक्विटी टियर 1 पूंजी अनुपात 16.2% था। जोखिम-आधारित संपत्ति ₹ 16,70,899 करोड़ थी।
नेटवर्क
30 जून, 2023 तक, बैंक का डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क 3,825 शहरों और कस्बों में 7,860 शाखाओं और 20,352 एटीएम और नकद जमा और निकासी मशीनों (सीडीएम) पर था, जबकि 30 जून, 2022 तक 3,203 शहरों और कस्बों में 6,378 शाखाएं और 18,620 एटीएम और सीडीएम थे। हमारी 52% शाखाएं अर्ध-शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में हैं। इसके अलावा, हमारे पास 15,194 बिजनेस कारेस्पोंडेंट हैं, जो मुख्य रूप से कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) द्वारा संचालित हैं। 30 जून, 2023 तक कर्मचारियों की संख्या 1,81,725 थी (30 जून, 2022 तक 1,52,511 के मुकाबले)।
एसेट क्वालिटी
30 जून, 2023 को सकल गैर-निष्पादित एसेट्स यानि एनपीएल कुल अग्रिमों का 1.17% (कृषि क्षेत्र में एनपीए को छोड़कर 0.94%) थी, जबकि 31 मार्च, 2023 को 1.12% (कृषि क्षेत्र में एनपीए को छोड़कर 0.94%) थी। और 30 जून, 2022 तक 1.28% (कृषि क्षेत्र में एनपीए को छोड़कर 1.06%) था। 30 जून, 2023 को शुद्ध गैर-निष्पादित परिसंपत्तियां शुद्ध अग्रिमों का 0.30% थीं।
सहायक
बैंक की सहायक कंपनियां अपने वित्तीय परिणाम अधिसूचित भारतीय लेखा मानकों (“इंड-एएस”) के अनुसार तैयार करती हैं। बैंक अपने वैधानिक अनुपालन के उद्देश्यों के लिए इंडियन गैप के तहत अपने वित्तीय परिणाम तैयार करता है और प्रस्तुत करता है। इसलिए बैंक की सहायक कंपनियां, बैंक के समेकित वित्तीय परिणामों के उद्देश्यों के लिए, इंडियन गैप के अनुसार मान्यता और माप सिद्धांतों के आधार पर “फिट-फार-कंसोलिडेशन इंफार्मेशन” तैयार करती हैं। नीचे उल्लिखित बैंक की सहायक कंपनियों की वित्तीय संख्या इंड-एएस के अनुसार है।
एचडीएफसी सिक्योरिटीज लिमिटेड (एचएसएल) भारत की अग्रणी रिटेल ब्रोकिंग फर्मों में से एक है। 30 जून 2023 तक, बैंक के पास एचएसएल में 95.6% हिस्सेदारी थी। 30 जून, 2023 को समाप्त तिमाही के लिए, एचएसएल का कुल राजस्व ₹ 497 करोड़ था, जबकि 30 जून, 2022 को समाप्त तिमाही के लिए यह ₹ 432 करोड़ था। तिमाही के लिए कर पश्चात लाभ ₹ 189 करोड़ था, जबकि 30 जून 2022 को समाप्त तिमाही के लिए यह ₹ 189 करोड़ था।
30 जून, 2023 तक, एचएसएल की देश के 147 शहरों और कस्बों में 207 शाखाएं थीं।
एचडीबी फाइनेंशियल सर्विसेज लिमिटेड (एचडीबीएफएसएल) एक नान-डिपाजिट स्वीकार करने वाली गैर-बैंकिंग वित्त कंपनी (एनबीएफसी) है जो व्यक्तियों, उभरते व्यवसायों और सूक्ष्म उद्यमों जैसे ग्राहक क्षेत्रों को ऋण और एसेट वित्त उत्पादों की विस्तृत श्रृंखला की पेशकश करती है जो आम तौर पर उन सेगमेंट्स अलग होती हैं, जिन्हें बैंक पूरा करता है। 30 जून, 2023 तक, बैंक के पास एचडीबीएफएसएल में 94.8% हिस्सेदारी थी।
30 जून, 2023 को समाप्त तिमाही के लिए, एचडीबीएफएसएल का शुद्ध राजस्व ₹ 2,314 करोड़ था, जबकि 30 जून, 2022 को समाप्त तिमाही के लिए यह ₹ 2,194 करोड़ था, जो 5.5% की वृद्धि है। 30 जून, 2023 को समाप्त तिमाही के लिए कर पश्चात लाभ ₹ 567 करोड़ था, जबकि 30 जून, 2022 को समाप्त तिमाही के लिए यह ₹ 441 करोड़ था, जो 28.5% की वृद्धि है।
30 जून, 2023 को कुल लोन बुक ₹ 73,568 करोड़ थी, जबकि 30 जून, 2022 को ₹ 61,814 करोड़ थी, इसमें 19% की वृद्धि है। स्टेज 3 लोन्स कुल ऋण का 2.48% था। 30 जून, 2023 को कुल सीएआर 19.8% और टियर-1 सीएआर 15.8% थी।
30 जून, 2023 तक, एचडीबीएफएसएल की 1,101 शहरों औा कस्बों में 1,581 शाखाएं थीं।
नोटः
₹ = भारतीय रुपये
1 करोड़ = 10 मिलियन
जब तक अन्यथा निर्दिष्ट न हो, सभी आंकड़े और अनुपात इंडियन गैप के अनुसार हैं।
BSE: 500180
NSE: HDFCBANK
NYSE: HDB
Certain statements are included in this release which contain words or phrases such as “will,” “aim,” “will likely result,” “believe,” “expect,” “will continue,” “anticipate,” “estimate,” “intend,” “plan,” “contemplate,” “seek to,” “future,” “objective,” “goal,” “project,” “should,” “will pursue” and similar expressions or variations of these expressions, that are “forward-looking statements.” Actual results may differ materially from those suggested by the forward-looking statements due to certain risks or uncertainties associated with our expectations with respect to, but not limited to, our ability to implement our strategy successfully, the market acceptance of and demand for various banking services, future levels of our non-performing loans, our growth and expansion, the adequacy of our allowance for credit and investment losses, technological changes, volatility in investment income, our ability to market new products, cash flow projections, the outcome of any legal, tax or regulatory proceedings in India and in other jurisdictions we are or become a party to, the future impact of new accounting standards, our ability to pay dividends, the impact of changes in banking regulations and other regulatory changes on us in India and other jurisdictions, our ability to roll over our short-term funding sources and our exposure to market and operational risks. By their nature, certain of the market risk disclosures are only estimates and could be materially different from what may actually occur in the future. As a result, actual future gains, losses or impact on net income could materially differ from those that have been estimated. In addition, other factors that could cause actual results to differ materially from those estimated by the forward-looking statements contained in this document include, but are not limited to: general economic and political conditions, instability or uncertainty in India and the other countries which have an impact on our business activities or investments caused by any factor, including terrorist attacks in India, the United States or elsewhere, anti-terrorist or other attacks by the United States, a United States-led coalition or any other country, tensions between India and Pakistan related to the Kashmir region or between India and China, military armament or social unrest in any part of India; the monetary and interest rate policies of the government of India, natural calamities, inflation, deflation, unanticipated turbulence in interest rates, foreign exchange rates, equity prices or other rates or prices; the performance of the financial markets in India and globally, changes in Indian and foreign laws and regulations, including tax, accounting and banking regulations, changes in competition and the pricing environment in India, and regional or general changes in asset valuations.
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