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लखनऊ से एक चौंकाने वाली रिपोर्ट सामने आई है

लखनऊ से एक चौंकाने वाली रिपोर्ट सामने आई है।
एक हालिया सर्वे के मुताबिक, शहर के 82% से ज्यादा लोग मल में खून को कोलोरेक्टल कैंसर का चेतावनी संकेत नहीं मानते।यह सर्वे देश के 14 बड़े शहरों में किया गया, जिसमें हजारों लोगों की राय शामिल की गई।


इस रिपोर्ट ने पाचन स्वास्थ्य और जागरूकता की गंभीर कमी को उजागर किया है।लखनऊ में स्थिति और भी चिंताजनक है।
करीब 90% लोग पेट से जुड़ी समस्याओं के लिए खुद ही इलाज करते हैं, जबकि सिर्फ 14% लोग डॉक्टर से सलाह लेते हैं।डॉ. अभिषेक पांडे, जो अपोलो मेडिक्स हॉस्पिटल, लखनऊ में मेडिकल ऑन्कोलॉजिस्ट हैं, बताते हैं कि
कोलोरेक्टल कैंसर धीरे-धीरे विकसित होता है और शुरुआत में इसके लक्षण हल्के होते हैं, लेकिन समय पर जांच से इसका इलाज संभव है।वहीं, डॉ. अभिषेक कुमार सिंह, डायरेक्टर – मेडिकल ऑन्कोलॉजी, मेदांता हॉस्पिटल, लखनऊ के अनुसार,लोग छोटी-छोटी समस्याओं को नजरअंदाज करते हैं, जिससे बीमारी का पता देर से चलता है।इसके अलावा, डॉ. सौरभ मिश्रा, जो कैंसर इंस्टीट्यूट एंड सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल, लखनऊ से जुड़े हैं, कहते हैं कि
गलत खान-पान, मोटापा, तंबाकू सेवन और निष्क्रिय जीवनशैली कैंसर के खतरे को बढ़ाते हैं।रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि50% से ज्यादा लोग हफ्ते में कई बार बाहर का या पैकेज्ड खाना खाते हैं,45% लोग नियमित व्यायाम नहीं करते
और करीब 40% लोग तंबाकू का सेवन करते हैं ये सभी आदतें पाचन संबंधी बीमारियों और कैंसर का खतरा बढ़ाती हैं।चिंता की बात यह भी है कि
80% लोग यह नहीं जानते कि मल में खून आना एक गंभीर चेतावनी संकेत हो सकता है।विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि अगर आपको मल में खून दिखे,मल त्याग की आदतों में बदलाव आए या लगातार पेट से जुड़ी समस्या हो तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें और जांच कराएं।
याद रखें,
थोड़ी सी लापरवाही एक बड़ी बीमारी का कारण बन सकती है,
जबकि समय पर जांच और जागरूकता आपकी जान बचा सकती है।

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